जाँच कब करवाएँ
- 12 महीने कोशिश के बाद, या महिला की उम्र 35 से ज़्यादा हो तो 6 महीने बाद
- पीरियड्स बहुत अनियमित हों या न आते हों, तो तुरंत
- एंडोमेट्रियोसिस, पीसीओएस, पहले की सर्जरी या संक्रमण होने पर
- दो या ज़्यादा बार गर्भपात होने पर
महिला की जाँचें
- AMH ब्लड टेस्ट
अंडों के भंडार का अंदाज़ा देता है। यह किसी भी दिन हो सकता है। - अल्ट्रासाउंड
गर्भाशय और अंडाशय की जाँच, और छोटे फॉलिकल की गिनती। - हार्मोन टेस्ट
FSH, LH, थायरॉइड (TSH) और प्रोलैक्टिन। - ट्यूब की जाँच (HSG)
फैलोपियन ट्यूब खुली हैं या नहीं। यह पीरियड खत्म होने के बाद और ओव्यूलेशन से पहले होती है। - फॉलिकुलर स्टडी
कुछ स्कैन से पता चलता है कि अंडा बनता और निकलता है या नहीं।
पुरुष की जाँच
सीमेन एनालिसिस सबसे ज़रूरी जाँच है। सैंपल 2 से 7 दिन के परहेज़ के बाद दिया जाता है। रिपोर्ट असामान्य हो तो हार्मोन टेस्ट और अल्ट्रासाउंड किए जाते हैं।
रिपोर्ट के बाद
डॉक्टर सभी रिपोर्ट आपके साथ देखते हैं और सबसे सरल इलाज की सलाह देते हैं, जैसे ओव्यूलेशन की दवा, आईयूआई, आईवीएफ या कभी-कभी सिर्फ़ थोड़ा और समय।
सवाल-जवाब
सबसे पहले कौन सी जाँचें करवानी चाहिए?
ज़्यादातर दंपतियों के लिए: महिला का अल्ट्रासाउंड और AMH, पुरुष का सीमेन एनालिसिस, और ट्यूब की जाँच। इनसे अंडे, शुक्राणु और ट्यूब, तीनों के बारे में मुख्य जानकारी मिल जाती है।
क्या HSG टेस्ट में दर्द होता है?
ज़्यादातर महिलाओं को कुछ मिनट पीरियड जैसा दर्द होता है। पहले से दर्द की दवा लेने से आराम रहता है।
क्या दूसरे क्लिनिक की पुरानी रिपोर्ट काम आएगी?
हाँ, साथ लाएँ। हाल की और भरोसेमंद रिपोर्ट को दोबारा करवाने की ज़रूरत आम तौर पर नहीं होती।
अधिक विस्तृत जानकारी अंग्रेज़ी में: Read this page in English

